अलीगढ़। भागवत के ‘सभी मुस्लिम हिंदू’ बयान पर मुफ़्ती का समर्थन, बोले—ऐतिहासिक दृष्टि से भारतवासी हिंदू; घर वापसी से ज्यादा इंसाफ और सद्भाव जरूरी, मुफ़्ती ने कहा कि हिंदू शब्द ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ में भारत के लोगों के लिए प्रयुक्त हुआ। उनके अनुसार, यह शब्द अरब और फ़ारसी स्रोतों से प्रचलन में आया, जहां भारतवासियों को हिंदू कहकर पुकारा जाता था। इस दृष्टि से भारत में रहने वाले सभी लोग सांस्कृतिक अर्थ में हिंदू कहे जा सकते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।उन्होंने कहा कि मोहन भागवत का बयान इतिहास और संस्कृति की व्याख्या पर आधारित है, जिसे इस परिप्रेक्ष्य में समझने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि “घर वापसी” का प्रश्न अलग है और भारत का संविधान सभी नागरिकों को अपने-अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है।मुफ़्ती ने जोर देकर कहा कि भारतीय संस्कृति करुणा, दया, सच्चाई, ईमानदारी और महिलाओं के सम्मान की शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि समाज को इंसाफ और सद्भाव प नौर कायम रहना चाहिए तथा कट्टरता और अपराध को किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, कट्टरता एक आपराधिक मानसिकता है, जिसे समाज से दूर करने की आवश्यकता है।
भागवत के ‘सभी मुस्लिम हिंदू’ बयान पर मुफ़्ती का समर्थन!




